1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. पश्चिम बंगाल में वोटिंग से तुरंत पहले EC का बड़ा एक्शन, 'सिंघम' मामले में बढ़ा विवाद, ताबड़तोड़ हटाए गए चुनाव अधिकारी

पश्चिम बंगाल में वोटिंग से तुरंत पहले EC का बड़ा एक्शन, 'सिंघम' मामले में बढ़ा विवाद, ताबड़तोड़ हटाए गए चुनाव अधिकारी

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Apr 29, 2026 08:13 am IST,  Updated : Apr 29, 2026 08:13 am IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा की 142 सीटों के लिए आज दूसरे चरण की वोटिंग हो रही है। वोटिंग से ठीक पहले चुनाव आयोग ने सख्त एक्शन लिया है और कई पोलिंग अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है। सिंघम विवाद के बाद आयोग ने ये फैसला लिया है।

पश्चिम बंगाल चुनाव- India TV Hindi
पश्चिम बंगाल चुनाव Image Source : FILE PHOTO

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग से कुछ ही घंटे पहले, चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लेते हुए दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा के संयुक्त ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) का तबादला कर दिया। यह तबादला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा के फाल्टा दौरे के विरोध में किए गए प्रदर्शनों के बाद किया गया है। चुनाव आयोग ने मंगलवार की देर रात एक अन्य नोटिस में दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों को भी चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से हटा दिया है, जिनमें से एक दक्षिण 24 परगना जिले का प्रभारी था। हालांकि, इस तरह के एक्शन के पीछे का कोई कारण नहीं बताया गया है।

फाल्टा से हटाए गए बीडीओ सौरभ हाजरा

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि संयुक्त बीडीओ सौरभ हाजरा का तबादला फाल्टा से कर दिया गया है और उन्हें तत्काल प्रभाव से पुरुलिया में तैनात किया गया है। अधिकारी ने बताया कि उनकी जगह राम्या भट्टाचार्य को नियुक्त किया जाएगा और यह एक नियमित तबादला है।

सिंघम को लेकर बढ़ा विवाद, हटाए गए चुनाव अधिकारी

वहीं, दूसरे आदेश में, चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना के एडीएम भास्कर पाल और बीरभूम के एडीएम सौविक भट्टाचार्य को चुनाव संबंधी सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया है। हाजरा का तबादला ऐसे समय हो रहा है जब 29 अप्रैल को फाल्टा में चुनाव होने वाले हैं। यह तबादला चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक यूपी के सिंघम कहे जाने वाले आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ असहयोग के आरोपों के मद्देनजर हुआ है। शर्मा सोमवार रात से ही सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान और उनके सहयोगियों के आवास पर गए थे, जहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया।

IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर बढ़ा विवाद

हालांकि, चुनाव आयोग के आदेशों में इसका कोई कारण नहीं बताया गया। शर्मा, केंद्रीय बल कर्मियों के साथ, सोमवार आधी रात को खान के आवास पर गए और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों पर कड़ी चेतावनी दी। मंगलवार को स्थिति और बिगड़ गई जब पर्यवेक्षक ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त की और संभावित उपद्रवियों के बारे में मिली सूचनाओं के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। यह तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब तृणमूल समर्थक पार्टी कार्यालय के पास जमा हो गए और पर्यवेक्षक की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

यूपी के सिंघम के विरोध में लगे नारे

प्रयागराज के एसीपी अजय पाल शर्मा , जिन्हें अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए 'सिंघम' उपनाम मिला था, जहां भी गए, तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने 'वापस जाओ' और 'जय बांग्ला' के नारे लगाकर उनका विरोध किया। फाल्टा, जो तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, एक संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है और यहां निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी।

अजय पाल शर्मा के विवादित वीडियो पर बवाल

उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा एक वीडियो में संभावित उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए दिखाई दिए, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में बुधवार के मतदान को बाधित करने का प्रयास किया तो उन्हें "उचित कार्रवाई" का सामना करना पड़ेगा। पार्टी ने पुलिस पर्यवेक्षक पर अपनी भूमिका का दुरुपयोग करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को "डराने" का आरोप लगाया। सौ से अधिक सशस्त्र केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, एक बख्तरबंद वाहन और संभावित "उपद्रवियों" की सूची के साथ, 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी ने लगातार दो दिनों तक दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट की छानबीन की।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।